मानव नव रसों की खान है। उसकी सोच से उत्पन्न उसकी प्रतिक्रिया ही यह निर्धारित करती है कि उसका व्यक्तित्व कैसा है ! निश्चय ही मेरी रचनाओं में आपको नवीन एवं पुरातन का समावेश मिलेगा साथ ही क्रान्तिकारी विचारधारा के छींटे भी । धन्यवाद !
।।सधु चन्द्र।।
Sunday, 21 August 2022
शुभचिंतक की वाणी कठोर तथा स्वार्थ पूरक की मृदु होती है
ठीक कहा आपने
ReplyDeleteजी सधु जी ,यही बात सब लोग देर से समझ पाते हैं।🙏
ReplyDeleteसटीक बात।
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